## आफ्टर केयर और स्पॉन्सरशिप स्कीम – पूरी जानकारी
यह स्कीम अनाथ, छोड़े गए और कमज़ोर बच्चों को फाइनेंशियल मदद, एजुकेशन सपोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और रिहैबिलिटेशन में मदद देकर सपोर्ट करने के लिए बनाई गई है। यह मुख्य रूप से दो कैटेगरी पर फोकस करती है:
1. आफ्टर केयर – 18 साल से ज़्यादा उम्र के उन बच्चों के लिए जो चाइल्डकेयर इंस्टीट्यूशन छोड़ रहे हैं।
2. स्पॉन्सरशिप – 18 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों के लिए जो रिश्तेदारों या गार्जियन के साथ रह रहे हैं।
इस स्कीम का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि बच्चे बड़े होकर इंडिपेंडेंट और ज़िम्मेदार नागरिक बनें और समाज में फिर से घुल-मिल जाएं।
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## स्कीम का मकसद
इस स्कीम के दो मुख्य मकसद हैं:
1. 18 साल से ज़्यादा उम्र के उन बच्चों को फाइनेंशियल और एजुकेशनल मदद देना जो चाइल्डकैअर इंस्टीट्यूशन छोड़ रहे हैं। यह मदद उन्हें इंडिपेंडेंट ज़िंदगी जीने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है।
2. 18 साल से कम उम्र के उन अनाथ बच्चों को फाइनेंशियल मदद देना जो रिश्तेदारों या गार्जियन के साथ रह रहे हैं, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और इज्ज़त से जी सकें।
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## फायदे के प्रकार
यह स्कीम दो मुख्य कैटेगरी में मदद देती है:
### 1. आफ्टर केयर
आफ्टर केयर उन बच्चों के लिए है जो 18 साल के हो गए हैं और चाइल्डकैअर इंस्टीट्यूशन छोड़ रहे हैं। मदद इन तरीकों से दी जाती है:
### इंटर्नशिप सपोर्ट
जो बच्चे 18 साल पूरे कर लेते हैं और इस स्कीम के तहत एलिजिबल हैं, उन्हें उनकी क्वालिफिकेशन के हिसाब से इंटर्नशिप या नौकरी दी जा सकती है।
* इंटर्नशिप पीरियड के दौरान हर महीने 5,000 रुपये की फाइनेंशियल मदद दी जाएगी।
* यह रकम इंटर्नशिप खत्म होने तक या ज़्यादा से ज़्यादा एक साल के लिए, जो भी पहले हो, दी जाएगी।
* किसी भी हालत में एक साल से ज़्यादा मदद नहीं दी जाएगी।
यह मदद युवाओं को काम का अनुभव पाने और प्रोफेशनल स्किल डेवलप करने में मदद करती है।
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### वोकेशनल ट्रेनिंग सपोर्ट
एलिजिबल युवा सरकारी इंस्टीट्यूशन में वोकेशनल ट्रेनिंग ले सकते हैं। ट्रेनिंग में ये शामिल हो सकते हैं:
* पॉलिटेक्निक डिप्लोमा
* ITI कोर्स
* पैरामेडिकल कोर्स
* नर्सिंग
* होटल मैनेजमेंट
* टूरिज्म
* प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
* मुख्यमंत्री स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
ये कोर्स संबंधित डिपार्टमेंट फ्री में देगा।
* वोकेशनल ट्रेनिंग पीरियड के दौरान, 5000 रुपये की फाइनेंशियल मदद दी जाएगी। 5,000 रुपये हर महीने दिए जाएंगे।
* यह मदद ट्रेनिंग खत्म होने तक या ज़्यादा से ज़्यादा दो साल तक दी जाएगी, जो भी पहले हो।
* यह मदद किसी भी हालत में दो साल से ज़्यादा नहीं दी जाएगी।
इससे युवाओं को टेक्निकल स्किल सीखने और बेहतर नौकरी के मौके पाने में मदद मिलती है।
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### टेक्निकल, मेडिकल, आयुष और लीगल एजुकेशन में मदद
केयर लीवर जो NEET, JEE, या CLAT जैसे एंट्रेंस एग्जाम पास करते हैं और सरकारी या गैर-सरकारी इंस्टीट्यूशन में एडमिशन लेते हैं, उन्हें एक्स्ट्रा फायदे मिलेंगे।
* पढ़ाई के दौरान हर महीने 5,000 रुपये से 8,000 रुपये तक की फाइनेंशियल मदद दी जाएगी।
* फीस रेगुलेटरी कमीशन द्वारा तय की गई ट्यूशन फीस राज्य सरकार देगी।
* कोर्स पूरा होने तक मदद मिलती रहेगी।
यह मदद यह पक्का करती है कि टैलेंटेड स्टूडेंट बिना किसी फाइनेंशियल रुकावट के हायर एजुकेशन कर सकें।
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### आफ्टर केयर बेनिफिट्स का समय
फाइनेंशियल मदद, इंटर्नशिप सपोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और एजुकेशन बेनिफिट्स तय समय तक या 24 साल की उम्र तक, जो भी पहले हो, दिए जाएंगे।
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## 2. स्पॉन्सरशिप स्कीम
स्पॉन्सरशिप का हिस्सा 18 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों के लिए है जो रिश्तेदारों या गार्जियन के साथ रह रहे हैं।
### आर्थिक मदद
* हर एलिजिबल बच्चे को हर महीने Rs. 4,000 मिलेंगे।
* यह रकम बच्चे और रिश्तेदार या गार्जियन के जॉइंट बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी।
* यह मदद कम से कम एक साल के लिए दी जाएगी।
* अगर परिवार की फाइनेंशियल हालत में सुधार नहीं होता है, तो समय बढ़ाया जा सकता है।
* हालांकि, बच्चे के 18 साल का होने के बाद यह मदद नहीं दी जाएगी।
इससे यह पक्का होता है कि बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और उनकी बेसिक ज़रूरतें पूरी हों। —
### मेडिकल मदद
* हेल्थ डिपार्टमेंट हर एलिजिबल बच्चे के लिए एक आयुष्मान कार्ड बनाएगा।
* महिला और बाल विकास डिपार्टमेंट के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर बच्चों की लिस्ट चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर को देंगे।
* कार्ड से बच्चों को मेडिकल ट्रीटमेंट और हेल्थ बेनिफिट्स पाने में मदद मिलेगी।
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## एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
### आफ्टर केयर के लिए
* बच्चा लगातार 1 साल से ज़्यादा समय से रह रहा हो।